तेरा मेरा इश्क़ – एक आखिरी कहानी
प्रस्तावना: पहली मुलाकात
गाँव के उस छोटे से नुक्कड़ पर, जहाँ सुबह की पहली चाय की खुशबू और मिट्टी की ताजगी मिलकर एक कहानी बुनती है, राहुल और साक्षी की नजरें पहली बार मिलीं।
राहुल — एक शहर का लड़का, जो अपने सपनों के पीछे भागता रहा, लेकिन दिल वहीं के गाँव में छोड़ आया था। साक्षी — गाँव की मासूम लड़की, जिसकी मुस्कान में एक अनकही कहानी थी।
एक हल्की बारिश थी। गाँव की मिट्टी की महक हवा में घुली थी। साक्षी झूले पर बैठी थी, और राहुल वहाँ से गुजर रहा था। उनकी आँखें अचानक मिलीं… और कुछ पल के लिए समय रुक सा गया।
उनकी बातचीत बस इतनी थी — पर उनके दिल में एक बीज बो गया था।
भाग 1: संघर्ष और शहर की दुनिया
राहुल के जीवन में शहर की चमक थी — बड़ी-बड़ी बिल्डिंग, तेज़ गाड़ियाँ, नाम और दौलत। लेकिन दिल में खालीपन था। उसने महसूस किया कि उसकी सफलता का सबसे बड़ा खजाना वहाँ है — गाँव में, जहाँ उसकी ज़िंदगी शुरू हुई थी।
वो एक दिन अचानक अपने शहर के व्यापार में बड़े धोखे का शिकार हो गया। कारोबार में मिली यह चोट राहुल के दिल पर गहरी चोट बन गई। उसने अपने भीतर से आवाज सुनी — "क्या तुम अपने प्यार को चुनोगे या दौलत को?"
राहुल ने तय किया कि प्यार ही उसकी सबसे बड़ी जीत होगी। पर उसकी राह आसान नहीं थी।
भाग 2: मेले की मुलाकात और वादा
गाँव में मेला लगा। झूले, मिठाइयाँ, लोकगीत और रंग-बिरंगी रोशनी। राहुल गाँव लौटा, लेकिन अब वह सिर्फ़ एक व्यक्ति नहीं था — वह एक सपना लिए लौटा था।
साक्षी वहीं थी, अपने दोस्तों के साथ। राहुल ने उसे देखा, और दिल में एक तूफ़ान उठा।
यह वादा राहुल के लिए किसी मिसाइल से कम नहीं था।
भाग 3: धोखा और वापसी
राहुल को शहर में पता चला कि उसका व्यापार एक बड़े धोखे में फंसा है। उसके सपनों पर पानी फिरने वाला था।
वह दो राहों पर खड़ा था — एक, व्यापार को बचाने की, और दूसरा, प्यार को पाने की। उसने प्यार को चुना।
लेकिन गाँव लौटते ही उसने देखा कि साक्षी का हाथ किसी और के हाथ में था। उसका दिल टूट गया।
वो उस जगह बैठ गया, जहाँ पहली बार उसने साक्षी को देखा था। यादों का तूफ़ान उसे घेर रहा था — मिठास और दर्द का संगम।
भाग 4: आखिरी फैसला
साक्षी भी अपने दिल के जज्बात के सामने लड़ रही थी। उसे समझ नहीं आ रहा था कि किसे चुनना है — वादा या वर्तमान।
साक्षी चुप रही, उसकी आँखों में आँसू और एक मुस्कान थी — यह कहानी का सबसे बड़ा मोड़ था।
भाग 5: फाइनल ट्विस्ट और क्लाइमेक्स
लेकिन तभी गाँव में एक बड़ा हादसा हो गया — मेले में आग लग गई। लोग चीख रहे थे। राहुल ने साक्षी को बचाने के लिए खुद को आग के बीच में डाल दिया।
और गाँव की मिट्टी में, बारिश की बूंदों में, उनका प्यार अमर हो गया — एक आखिरी कहानी बनकर।
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